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सिद्ध कुंजिका मंत्र साधना वशीकरण – सिद्ध कुंजिका स्तोत्र अनुभव

सिद्ध कुंजिका मंत्र साधना वशीकरण

सिद्ध कुंजिका मंत्र साधना वशीकरण, सिद्ध कुंजिका मंत्र साधना वशीकरण के द्वारा किसी भी इच्छित वस्तु की प्राप्ति की जा सकती है| इसके द्वारा मनपसंद व्यक्ति का वशीकरण, धन और पद की प्राप्ति, संकटों से मुक्ति आदि कार्यों को संपन्न किया जा सकता है|

सिद्ध कुंजिका मंत्र साधना वशीकरण

सिद्ध कुंजिका मंत्र साधना से वशीकरण करने से पहले मंत्र को कंठस्थ कर लेना काफी लाभदायक होता है| ऐसा करने से साधना में आसानी होगी और यह पूरी एकाग्रता से होगी| यदि आप भी सिद्ध कुंजिका मंत्र साधना वशीकरण करना चाहते हैं तो यहाँ दिए गए मंत्र स्त्रोत को याद कर लें –

|| सिद्धकुञ्जिकास्तोत्रम् ||

शिव उवाच शृणु देवि प्रवक्ष्यामि, कुञ्जिकास्तोत्रमुत्तमम्| येन मन्त्रप्रभावेण चण्डीजापः शुभो भवेत||1||

न कवचं नार्गलास्तोत्रं कीलकं न रहस्यकम्| न सूक्तं नापि ध्यानं च न न्यासो न च वार्चनम्||2||

कुञ्जिकापाठमात्रेण दुर्गापाठफलं लभेत्| अति गुह्यतरं देवि देवानामपि दुर्लभम्||3||

गोपनीयं प्रयत्‍‌नेन स्वयोनिरिव पार्वति। मारणं मोहनं वश्यं स्तम्भनोच्चाटनादिकम्। पाठमात्रेण संसिद्ध्येत् कुञ्जिकास्तोत्रमुत्तमम्||4||

अथ मन्त्रः

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे||

ॐ ग्लौं हुं क्लीं जूं सः ज्वालय ज्वालय ज्वल ज्वल प्रज्वल प्रज्वल ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ज्वल हं सं लं क्षं फट् स्वाहा||

इति मन्त्रः

नमस्ते रूद्ररूपिण्यै नमस्ते मधुमर्दिनि। नमः कैटभहारिण्यै नमस्ते महिषार्दिनि||1||

नमस्ते शुम्भहन्त्र्यै च निशुम्भासुरघातिनि। जाग्रतं हि महादेवि जपं सिद्धं कुरूष्व मे||2||

ऐंकारी सृष्टिरूपायै ह्रींकारी प्रतिपालिका। क्लींकारी कामरूपिण्यै बीजरूपे नमोऽस्तु ते||3||

चामुण्डा चण्डघाती च यैकारी वरदायिनी। विच्चे चाभयदा नित्यं नमस्ते मन्त्ररूपिणि||4||

धां धीं धूं धूर्जटेः पत्‍‌नी वां वीं वूं वागधीश्‍वरी। क्रां क्रीं क्रूं कालिका देवि शां शीं शूं मे शुभं कुरु||5||

हुं हुं हुंकाररूपिण्यै जं जं जं जम्भनादिनी। भ्रां भ्रीं भ्रूं भैरवी भद्रे भवान्यै ते नमो नमः||6||

अं कं चं टं तं पं यं शं वीं दुं ऐं वीं हं क्षं। धिजाग्रं धिजाग्रं त्रोटय त्रोटय दीप्तं कुरु कुरु स्वाहा||7||

पां पीं पूं पार्वती पूर्णा खां खीं खूं खेचरी तथा| सां सीं सूं सप्तशती देव्या मन्त्रसिद्धिं कुरुष्व मे||8||

इदं तु कुञ्जिकास्तोत्रं मन्त्रजागर्तिहेतवे| अभक्ते नैव दातव्यं गोपितं रक्ष पार्वति|| यस्तु कुञ्जिकाया देवि हीनां सप्तशतीं पठेत्| न तस्य जायते सिद्धिररण्ये रोदनं यथ||

इति श्रीरुद्रयामले गौरीतन्त्रे शिवपार्वतीसंवादे कुञ्जिकास्तोत्रं सम्पूर्णम्| ||ॐ तत्सत्||

किसी व्यक्ति को सिद्ध कुंजिका मंत्र साधना वशीकरण से अपने अनुसार काम कराने के लिए मंत्र इस प्रकार है –

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे| ॐ ग्लौ हुं क्लीं जूं सः, ज्वालय ज्वालय ज्वल ज्वल प्रज्वल प्रज्वल, ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ज्वल हं सं लं क्षं फट् स्वाहा||

इस मंत्र का 1100 बार जाप करने से वशीकरण की अद्भुत सिद्धि प्राप्त होती है| कुछ सिद्ध ज्योतिषी 1 लाख 51 हजार बार इस मंत्र का जाप करने की भी सलाह देते हैं| मंत्र का जाप करने के लिए किसी एकांत स्थान पर आसन लगाकर बैठें और आँख बंद करके मंत्र का उच्चारण करें|

इस कार्य को करने के लिए किसी सिद्ध व्यक्ति की सलाह या मदद ज़रूर लें| इस सिद्ध कुंजिका मंत्र साधना वशीकरण की विधि करने के दौरान मन में पूरा विश्वास और संकल्प रखें| मंत्र उच्चारण के समय याद रखें कि आपका ध्यान भंग न हो| इस मंत्र का उच्चारण करते समय उस व्यक्ति का स्मरण करें जिसे आप अपने वश में करना चाहते हैं|

सिद्ध कुंजिका मंत्र साधना वशीकरण के नियम

सिद्ध कुंजिका मंत्र साधना वशीकरण नियमों के पालन के बिना सफल नही हो पाएगी| इसलिए साधक को सही विधि और नियमों के पालन का विशेष ध्यान रखना चाहिए|

सिद्ध कुंजिका मंत्र साधना वशीकरण की विधि करने के लिए साधक मंगलवार या शुक्रवार के दिन से शुरुआत करें| इस साधना को रात में 10 बजे के बाद ही करना चाहिए| इसके लिए आप लाल रंग के वस्त्र धारण कर लें और लाल रंग का ही आसन बिछाकर उत्तर या पूर्व की ओर मुख करके बैठ जाएँ|

सिद्ध कुंजिका मंत्र साधना वशीकरण में दुर्गा पूजा का महत्व है इसलिए आप इस दौरान अपने सामने एक बाजोट रखकर उस पर माँ दुर्गा का एक चित्र स्थापित करें| माँ के लिए आसन भी लाल रंग का ही रखें|

अब माँ के सामने अगरबत्ती दीप आदि प्रज्वलित करें और सिद्ध कुंजिका मंत्र साधना को पूरा करने का संकल्प लें| संकल्प लेने के बाद साधक थोड़ा जा जल लेकर उसे भूमि पर छोड़ दे| इस सिद्ध कुंजिका मंत्र साधना वशीकरण को लगातार 9 दिनों तक करना चाहिए|

सिद्ध कुंजिका मंत्र साधना वशीकरण के अन्य नियम

  • इस साधना को करते समय मन वचन और कर्म से ब्रह्मचर्य का पालन करें|
  • इस साधना में साधक को भूमि पर ही शयन करना चाहिए|
  • इस साधना के दौरान मुख में पान रखने का भी नियम है| लेकिन पान में तम्बाकू, सुपारी, लौंग आदि न डालें|
  • इस सिद्ध कुंजिका मंत्र साधना वशीकरण में प्रति दिन मंत्रोच्चारण पूरा होने पर आधा अनार माँ को चढ़ाएं और आधा सुबह गौ माता को खिला दें| साधकों को यह अनार खाना नही चाहिए|
  • इस साधना के बारे में अपने गुरु और निर्देशक के अतिरिक्त किसी और को पता नही चलना चाहिए| साधना के संपन्न होने तक इसे गुप्त ही रखा जाना चाहिए|
  • इस साधना में लाल रंग का ख़ास महत्व है| इसलिए यथा संभव लाल रंग की वस्तुओं का ही अधिक से अधिक प्रयोग करें|

यदि आपको शत्रु परेशान कर रहे हैं तो आप सिद्ध कुंजिका मंत्र साधना वशीकरण से शत्रु से छुटकारा पा सकते हैं| इसके लिए शनिवार को रात बारह बजे काले कपड़े को बिछाकर उस पर एक नींबू रख दें| थोड़ा सा काजल लें और इससे नींबू पर अपने दुश्मन का नाम लिख दें|

अब इसके सामने 11 बार कुंजिका मंत्र का जाप करें| इसके साथ “हुं शत्रुनाशिनी हुं” मंत्र से त्राटक करें| इसके बाद 11 बार कुंजिका का फिर से पाठ करें| अब आप इस नींबू को किसी एकांत स्थान पर ज़मीन के अन्दर गाढ़ दें| ऐसा करने से आपको हमेशा के लिए उस दुश्मन से छुटकारा मिल जायेगा|

सिद्ध कुंजिका मंत्र साधना वशीकरण किसी स्त्री या पुरुष को आकर्षित करने के लिए भी की जा सकती है| आप इसके लिए कुंजिका मंत्र का 9 बार जाप करें और फिर “क्लीं ह्रीं क्लीं” इस मंत्र का एक सौ आठ बार उच्चारण करें| इसके बाद पुन: कुंजिका का 9 बार जाप करें| इस दौरान अपने सामने तांबे के लोटे में पानी रखें और उसे मंत्र का उच्चारण पूरा होने पर थोड़ा से पी लें| ऐसा करने से आकर्षण होने लगता है|

सिद्ध कुंजिका मंत्र साधना वशीकरण के प्रयोग बहुत ही प्रभावशाली होते हैं लेकिन पहले इसे सिद्ध कर लेना चाहिए| सही विधि के साथ करने पर चमत्कारिक लाभ प्राप्त होता है| इसे किसी सिद्ध गुरु के मार्गदर्शन में ही करना चाहिए|

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